अखिलेश यादव तैयार कर रहे लड़कियों की फौज

लखनऊ ! उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यूपी में दो लाख लड़कियों की फौज तैयार करने जा रहे हैं। सीएम की यह फौज यूपी पुलिस की ताकत बनेगी। विमिन पावर लाइन 1090 ने दिसंबर 2016 तक प्रदेश में दो लाख छात्राओं को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) बनाने का लक्ष्य रखा है। सीएम ने आईजी विमिन पावर लाइन नवनीत सिकेरा के साथ शुक्रवार को लोकभवन स्थित सभागार में 450 छात्राओं को एसपीओ का दर्जा और आई कार्ड दिया। कार्यक्रम में सीएम के साथ राजेंद्र चौधरी और मुख्य सचिव भी मौजूद रहे। यह पॉवर एंजिल छेड़खानी और यौन शोषण से पीड़ित लड़कियों और महिलाओं को पुलिस के माध्यम से मदद दिलाएंगी।
शक्ति परी के नाम से जानी जाएंगी पावर एंजल 
-मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने हाथों से 25 छात्राओं को आई कार्ड दिया।
-यह शक्ति परियां ग्रामीण और शहरी इलाकों में लड़कियों और महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न की जानकारी विमिन पावर लाइन (1090) को देंगी। इसके साथ महिलाओं के लिए सहारा भी बनेंगी।
-जो लड़कियां किसी वजह से जानकारी के अभाव में अपनी समस्याएं नहीं बता पातीं उनके साथ यह एसपीओ खड़ी दिखेंगी।
-यह सेवा स्वैच्छिक होगी जिसके लिए कोई मानदेय नहीं दिया जाएगा।
-इन छात्राओं को पावर एंजल या शक्ति परी के नाम से जाना जाएगा।
20 हजार से ज्यादा कॉलेज से जुड़ा है 1090
-आईजी विमिन पावर लाइन (1090) नवनीत सिकेरा ने बताया कि यूपी के हर कॉलेज की 10 प्रतिशत छात्राओं को पावर एंजल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
-अभी तक 63,000 छात्राओं को पावर एंजल बनाया जा चुका है।
-इनमें से सबसे ज्यादा छात्राएं लखनऊ की हैं। शुक्रवार को लोकभवन में जिन छात्राओं को आईडी कार्ड दिया गया है वह सभी लखनऊ के स्कूलों की हैं।
-आईजी ने बताया पावर एंजल का चयन कॉलेज प्रबंधन करता है। विमिन पावर लाइन 1090 यूपी के 20 हजार से ज्यादा कॉलेज से जुड़ा है।
15 नवम्बर 2012 को हुई थी शुरुआत 
-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 नवम्बर 2012 को 1090 हेल्पलाइन की शुरुआत अपने आवास से की थी।
-उत्तर प्रदेश सरकार का इस सेवा को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यूपी में बढ़ रहे महिला अपराधों पर रोक लगाना था। जिसमे वह -काफी हद तक कामयाब भी रही है।
क्या है विमिन पावर लाइन 1090 
-1090 पर महिला द्वारा शिकायत करने के बाद पकड़े गए मनचलों की पहले अधिकारी द्वारा काउंसिल होती है।
-इस दौरान उसे ऐसी हरकतें न करने के लिए समझाया जाता है।
-इस काउंसलिंग का उद्देश्य है कि इन छोटे अपराधों को बड़े अपराध में बदलने से पहले ही रोक दिया जाए।
-कोई भी पीड़ित महिला अश्लील कॉल, मैसेज आने पर अपनी शिकायत इस नंबर पर नि:शुल्क दर्ज करवा सकती है।
-पीड़ित महिला की पहचान को एकदम गोपनीय रखा जाता है और उसे थाने तक आने की जरुरत नहीं होती है।
-1090 हेल्पलाइन में मौजूद सभी कर्मी महिलायें ही होती है जिससे समस्या बताने में कोई भी दिक्कत न हो। दिल्ली में भी यही सेवा शुरू की गयी थी जिसके बाद यूपी सरकार ने उसकी सफलता को देखते हुए यहाँ भी महिला हेल्पलाइन खोलने की शुरुआत की।
20-25 की महिलाएं लड़कियां दर्ज करा रहीं शिकायत 
-इस हेल्पलाइन में कई उम्र के महिलाओं ने अपनी समस्याएँ दर्ज कराई है।
-सबसे ज्यादा समस्या 20-25 वर्ष की 36% महिलाओं ने दर्ज करायी है।
-उसके बाद 15-20 वर्ष के 28% ने समस्या दर्ज कराई है। 25-30 वर्ष की 15% महिलाओं ने समास्याओं का निवारण पाया है। -इसके अलावा 30-40 वर्ष की 14%, 40-50 वर्ष की 5% महिलाओं ने अपनी समस्या से निजात पायी है।
अपराधों में 1090 के जरिये हुई काफी कमी 
-जब 2012 में यह सेवा शुरू की गयी थी तो उस समय इसमें 12,246 शिकायतें आये थी जिनमे से सभी को हल कर लिया गया था।
-इसके बाद साल 2013 में हेल्पलाइन में 142,169 शिकायतें आये जिनमे से सभी को सुलझा लिया गया था।
-ऐसे ही 2014 में 1,48180, 2015 में 1,34107 शिकायते आये जिनमे सभी को हल किया जा चुका है।
-जब से यह सेवा शुरू हुई है तभी से प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों में कमी हुई है।

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