मॉस्को। सीरिया को लेकर रूस और अमरीका के बीच मामला गर्माता जा रहा है। यह तनाव विश्व युद्ध में बदल सकता है। उधर रूस ने जंग को लेकर तैयारियां भी तेज कर दी हैं। पुतिन काफी आक्रामक फैसले लेते दिख रहे हैं। सूत्रों की मानें तो खबर आई कि पुतिन ने रूस के उच्च अधिकारियों, राजनेताओं और उनके परिवार को घर यानी कि होमलैंड लौटने को कहा है। पुतिन ने कहा कि वे (टॉप अधिकारी, राजनेता) विदेशों में रह रहे अपने बच्चों और परिवार के लोगों को देश वापस लाएं। स्थानीय और वैश्विक मीडिया इस आदेश को थर्ड वर्ल्ड वॉर की आशंका के तहत ही देख रहा है।रूस ने बुधवार को अंतरमहाद्वीपीय बलिस्टिक मिसालों का भी परीक्षण किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रूस की सेना ने जापान के उत्तर में तैनात अपनी सबमरीन से नाभिकीय आयुध ढोने की क्षमता वाले एक रॉकेट का परीक्षण किया है। रूस की मीडिया एजेंसियों के मुताबिक रूस के उत्तर-पश्चिम में स्थित एक घरेलू साइट से भी मिसाइल छोड़ी गई हैं।
रूस ने पोलैंड और लिथुवानिया के साथ लगी सीमा पर भी नाभिकीय क्षमता वाली मिसाइलों की तैनाती कर दी है। रूस के इस कदम को अंतररााष्ट्रीय समझौतों को तोडऩे वाला बताया जा रहा है, लेकिन सीरिया संकट को लेकर इस बार रूस किसी समझौते के मूड में नहीं दिख रहा।रूस ने हाल ही यह भी कहा था कि सीरिया को लेकर अमरीका के साथ तनाव बढऩे के बीच उसके दो जंगी जहाज भूमध्य सागर मे लौट रहे हैं। रेस ने अपनी एस 300 हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली को सीरिया के टारटस स्थित नौसेना केंद्र में भेजा है।अमेरिकी समर्थित पश्चिमी मुल्कों का फ्रंट सीरिया में रूस की भूमिका की आलोचना कर रहा है। हाल में ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपना फ्रांस दौरा रद्द कर दिया। दरअसल फ्रांसीसी राष्ट्रपति ओलांद ने रूस पर सीरिया में युद्ध अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि इसी आरोप-प्रत्यारोप के बीच पैदा हुई शंकाओं की वजह से पुतिन ने अपनी यात्रा स्थगित कर दी।
रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सोवियत रूस के कद्दावर नेता रहे मिखाइल गोर्बाचोव ने भी हालात पर चिंता जाहिर की है। गोर्बाचोव ने चेताया है कि रूस और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की वजह से दुनिया खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है।
2011 से सीरिया में गृहयुद्ध के हालात हैं और विश्व की दो महाशक्तियों में इसी को लेकर तनाव है। सीरिया की बशर अल असद सरकार और विद्रोहियों के बीच युद्ध चल रहा है। अमेरिका जहां असद विरोधियों के साथ है, वहीं रूस असद सरकार को मदद कर रहा है। रूस एलेप्पो में असद सरकार की मदद के लिए बमबारी भी कर रहा है। पिछले महीने युद्ध विराम खत्म हो जाने के बाद से ही यह बमबारी लगातार जारी है
रूस ने तेज की जंग की तैयारियां, वर्ल्ड वॉर न हो जाय..
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