इस इच्छा पूर्ति मंत्र से पूर्ण होगी आपकी मनोकामना..।

उज्जैन |अगर हमने मनुष्य का जीवन पाया है तो तो इच्छाएं भी है, और जब इच्छाएं है तो उनकी पूर्ति के लिये कोई ना कोई माध्यम भी होना चाहिये । इच्छा विहीन तो पशु होता है क्योकि पशु की कोई इच्छा नही होती।तो क्या इच्छा करना गलत है? हमारी शुभ इच्छाओं की पूर्ति होनी ही चाहिये और जब हमारी कह सकने वाली या ना कह सकने वाली इच्छाओं की पूर्ति नही होती है तो जीवन मे एक कमी सी दिखती है। साधना अनेको विधिओ को सामने रखती है और साधक अगर मनोयोग से करता है तो फल की प्राप्ति भी होती है।आइये जानते है इच्छा पूर्ति मन्त्र का जाप कैसे करे-"ह्री" एक महाबीज मँत्र है जो कि ह्रदय के आकार सा दिखाई देता है। इसमे लाल स्याही का उपयोग करना चाहिये और स्याही अष्ट गँध की होनी चाहिये। कागज पर इस मन्त्र को 108 बार लिखे फिर अच्छे से इसकी पूजा करके सोने के ताबीज मे धारण करे।जिस मनोकामना को मन मे रख कर आपने मन्त्र को धारण किया है उसमे अनुकूलता आएगी।

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