नई दिल्ली।। 2014 के आम चुनाव के बाद नए वित्त मंत्री की राहें बहुत कठिन होने वाली हैं? यूपीए सरकार द्वारा एक पखवाड़े में लिए गए दो फैसलों की वजह से केंद्र पर 57000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। सरकारी सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'केंद्र द्वारा ऑर्डिनेंस लाकर नैशनल फूड सिक्योरिटी ऐक्ट बनाने की वजह से 2014-15 में सरकार पर 47000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नैशनल लेवल पर इस योजना के लागू होने के बाद लगभग 1.25 लाख करोड़ होने का अनुमान है। यही नहीं मैटरनिटी बेनिफिट्स स्कीम के लिए 12000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की जरूरत होगी। अगले वित्त मंत्री के कंधों पर होगा 57000 करोड़ का बोझ
नई दिल्ली।। 2014 के आम चुनाव के बाद नए वित्त मंत्री की राहें बहुत कठिन होने वाली हैं? यूपीए सरकार द्वारा एक पखवाड़े में लिए गए दो फैसलों की वजह से केंद्र पर 57000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। सरकारी सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'केंद्र द्वारा ऑर्डिनेंस लाकर नैशनल फूड सिक्योरिटी ऐक्ट बनाने की वजह से 2014-15 में सरकार पर 47000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नैशनल लेवल पर इस योजना के लागू होने के बाद लगभग 1.25 लाख करोड़ होने का अनुमान है। यही नहीं मैटरनिटी बेनिफिट्स स्कीम के लिए 12000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की जरूरत होगी।
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