मिस्र में बिगड़े हालात, सड़कों पर मुर्सी समर्थक, सेना की फायरिंग में 30 मौतें

काहिरा।मिस्र में सेना द्वारा तख्ता पलटे जाने के दो दिन बाद संसद भंग कर दी गई है। देश के अंतरिम प्रमुख अदली मंसूर ने यह घोषणा की। उधर, अपदस्थ राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी के समर्थक सड़कों पर आ गए।सेना की फायरिंग में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं।मुस्लिम ब्रदरहुड के डिप्टी चीफ खायरात अल-शातेर को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। शातेर को हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।  उनके हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने फायरिंग की।  प्रदर्शनकारी काहिरा में सैनिक बैरकों की तरफ जा रहे थे। वहां मुर्सी कैद हैं। सेना ने कहा है कि लोग उसकी फायरिंग में नहीं मरे हैं, वहां किसी और ने फायरिंग की हो तो पता नहीं।मुस्लिम ब्रदरहुड के आह्वान पर देश के कई हिस्सों में मुर्सी समर्थकों ने प्रदर्शन किए। उदारवादियों ने इसके जवाब में अपने समर्थकों से सड़कों पर लौटने की अपील की है।एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने कई लोगों को जमीन पर गिरते देखा। मुर्सी की तरफदारी करने वाले टीवी चैनलों का प्रसारण अचानक बंद करवा दिया गया है। सरकारी मशीनरी ने मुर्सी समर्थक अखबार छापने से इनकार कर दिया है।

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