नगरीय विकास परियोजनाओं को लक्ष्य के अनुरूप किया जाए क्रियान्वित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन ,06 जनवरी(wni) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नगरीय विकास परियोजनाओं को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित किया जाए। नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को सुधारने, नगरीय क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ाने, नागरिक सेवा में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों के अधिकाधिक उपयोग, अर्बन मोबिलिटी तथा ई-वाहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। 'नमामि गंगा अभियान' के समान ही 'नमामि नर्मदे परियोजना' पर कार्य आरंभ कर नर्मदा नदी तट की नगरीय बसाहटों के ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुधार और उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नगरीय निकायों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्थाओं के प्रति विशेष रूप से सजगता और सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 11वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा संचालक मंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कंपनी के प्रबंधकीय, वित्तीय और लेखा परीक्षा तथा अंकेक्षण संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश में शहरी विकास के लिए म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में 4 स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभागों के गठन के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई। इसमें परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी मोड, सूचना प्रौद्योगिकी, शहरी गतिशीलता और नमामि नर्मदे तथा हरित एवं नदी संरक्षण के लिए प्रभागों का गठन प्रस्तावित है। परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी प्रभाग के अंतर्गत नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने, जन हित कार्यों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने, वित्तीय अनुशासन, नीति आयोग तथा अन्य संबद्ध विभागों से समन्वय तथा मेट्रोपोलिटन एरिया डेवलपमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता से लिया जाएगा। इसमें सोलर प्रोजेक्ट्स, हरित बांड, अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के वैकल्पिक उपयोग जैसे नवाचार भी प्रस्तावित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग के अंतर्गत ई-नगर पालिका प्रणाली, सीसीटीवी-जीआईएस आधारित निगरानी व्यवस्था, नागरिक सेवा प्लेटफार्म के उन्नयन, टोल संग्रह ई-पोर्टल एवं ऑनलाइन राजस्व संग्रहण जैसी स्मार्ट सिटी प्रणालियां संचालित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नगरीय निकायों के आस-पास के क्षेत्रों के नियोजित विकास के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नर्मदा और तापी नदी के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए नदियों के समग्र और सर्वांगीण विकास के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 'नमामि गंगे' के समान 'नमामि नर्मदे परियोजना' का क्रियान्वयन सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से करें। इसमें नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विभाग, उद्योग विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।बैठक में बताया गया कि शहरी गतिशीलता प्रभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश ईवी पॉलिसी क्रियान्वयन, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, रोपवे, मल्टी लेवल पार्किंग, सार्वजनिक साइकिल सेवा, सिटी मोबिलिटी प्लान तथा ई-वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्‍य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय दुबे, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री सुखबीर सिंह, श्री पी. नरहरि, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास श्री संकेत भोंडवे तथा कंपनी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।वेबन्यूज धर्मेन्द्र उज्जैन।

इंदौर..परंपरा की भेंट चढ़ता शहर...ये कैसी वेवसी..कैसा नशा...?

इंदौर (wni) शहर की वर्तमान बेबसी को समझने के लिए कुछ 'घंटे' नहीं, बल्कि इतिहास के पन्नों में लाखों घंटे पीछे मुड़कर देखना होगा. आज जो संकट खड़ा है, उसकी नींव बाबरी विध्वंस के बाद के राजनीतिक उथल-पुथल में रखी गई थी. पटवा सरकार की बर्खास्तगी के बाद जब चुनाव हुए, तो प्रदेश की सत्ता पर 'पंजे' की पकड़ मजबूत हुई, लेकिन इंदौर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया. शहर की सभी आठों सीटों पर 'कमल' खिलते ही इंदौर के मुरझाने की शुरुआत हो गई. भोपाल की सत्ता से इंदौर का सीधा संपर्क टूटा और प्रदेश के सबसे मजबूत शहर की राजनैतिक उल्टी गिनती शुरू हो गई. 
फिर आया 1998 का वह दौर, जहां नतीजों से पहले ही भाजपा नेता मंत्री पद बांट रहे थे. लेकिन पासा पलटा और दिग्विजय सिंह फिर सत्तासीन हुए. यह कार्यकाल कांग्रेस के आंतरिक संघर्षों का गवाह बना, जहां क्षेत्रीय संतुलन के लिए जमुनादेवी और सुभाष यादव जैसे दिग्गजों को उपमुख्यमंत्री तो बनाया गया, लेकिन एक 'चतुर राजनेता' (Shrewd Politician) ने सत्ता के सूत्र अपने हाथ में रखने का नया प्रयोग किया. उन्होंने मंत्रियों और कद्दावर नेताओं को दरकिनार कर सीधे कलेक्टर और एसपी को 'पावर' दे दी. नेताओं का रसूख कागजों तक सिमट गया, जबकि असली हुकूमत अफसरों के हाथ में आ गई. अधिकारी वही करने लगे जो सीधे भोपाल से तय होता था.इंदौर प्रदेश की 'सोने की चिड़िया' है, भला इसे कौन अपने हाथ से जाने देता? भोपाल ने इंदौर को रिमोट कंट्रोल से चलाना शुरू किया. 1999 के पहले प्रत्यक्ष महापौर चुनाव में एक दिलचस्प खेल हुआ. भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय को मैदान में उतारा, तो दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के बजाय सुरेश सेठ को  समर्थन देकर खेल को 'फ्री फॉर ऑल' बना दिया. यहीं से विजयवर्गीय और दिग्विजय सिंह के बीच वह प्रगाढ़ राजनैतिक केमिस्ट्री शुरू हुई, जिसने भविष्य की राजनीति तय की. आलम यह था कि कांग्रेसी खुद कहने लगे थे कि विजयवर्गीय की शिकायत का कोई लाभ नहीं, क्योंकि उनका 'तालमेल' सीधे सत्ता के शिखर से है.।अफसरशाही को टूल बनाने का काम दिग्विजय सिंह ने शुरू किया एक उन्‍होंने जिला सरकार की अवधारणा दी तो दूसरे अपने पास कोई विभाग नहीं रखा. लेकिन नौकरशाही पर इतना कठोर नियंत्रण था कि राजधानी से लेकर जिलों तक पत्‍ता भी उनके बिना नहीं हिलता था. कलेक्‍टर और एसपी सीधे मुख्‍यमंत्री से निर्देश लेते थे. किसी स्‍थानीय राजनेता की अहमियत यदि तय भी होनी थी तो वह दिग्विजय सिंह के इशारे के बाद या उनके इशारे पर ही तय होती थी. ऐसे नेताओं में इंदौर के महेश जोशी और रीवा के श्रीनिवास तिवारी जैसे दिग्‍गज शामिल थे. 

दिग्विजय सिंह के इसी 'सत्ता के विकेंद्रीकरण' के छलावे ने दरअसल इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय को असीमित शक्ति दे दी. दिग्विजय सिंह ने जो 'अधिकारी-राज' शुरू किया था, शिवराज सिंह चौहान ने उसे खत्म करने के बजाय और खाद-पानी दिया. नतीजा यह हुआ कि पिछले 20 सालों से इंदौर के नेता 'शोले के ठाकुर' बनकर रह गए हैं. दिखने में कद्दावर, लेकिन हाथ (अधिकार) कटे हुए. जिस 'अफसरशाही' और कांग्रेसी नेताओं की 'बेबसी' का इस्तेमाल कर विजयवर्गीय ने अपनी ऊंचाई तय की थी, आज विडंबना देखिए कि वे खुद को उसी सिस्टम के शिकार (Victim) बताते हैं. (मनोज खांडेकर)

विवाह संस्कार और रीति-रिवाज हमारी भारतीय गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं : मुख्यमंत्री

उज्जैन 2 जनवरी 2026(wni)प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को  भाजपा जिला अधक्ष्य श्री राजेश धाकड़ के यहाँ ज्योति श्री रिसॉर्ट में आयोजित विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री के आगमन पर परिवारजनों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।
कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवविवाहित वर–वधू रितिक एवं वर्षा को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। हल्दी प्रोगाम में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिवारजनों के साथ सामूहिक फोटो सेशन में सहभागिता की एवं सहभोज भी किया।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विवाह संस्कार हमारी भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण अंग है। पाणिग्रहण संस्कार भारतीय समाज में विशेष महत्व रखता है। विवाह के माध्यम से कन्या अपने नए जीवन की शुरुआत करती है और माता–पिता का आशीर्वाद उसके जीवन को नई दिशा प्रदान करता है। ये सभी रीति–रिवाज हमारी गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने नव दंपत्ति एवं परिवारजनों को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत, राज्यसभा सांसद श्री बाल योगी उमेशनाथ, घटिया विधायक श्री सतीश मालवीय, नागदा विधायक श्री तेजबहादुर चौहान, शाजापुर विधायक श्री अरुण भीमावत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।वेबन्यूज

परमार्थ और देशभक्ति का भाव हो हम सभी में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राजकोट: एक जनवरी 2026(wni)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीव मात्र का समग्र कल्याण ही मानवता का पहला लक्ष्य है। जियो और जीने दो हमारे जीवन का शाश्वत दर्शन है। हमारे यहां नैतिक शिक्षाराष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त जीवन पद्धति की एक लंबी परम्परा रही है। यह हम भारतीयों का स्व-अनुशासन ही हैजिससे भारत आज विश्व की महाशक्ति के रूप में तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब उस भारतीय मातृ सत्तात्मक संस्कृति के संवाहक हैजहां माताओं और बहनों को देवी के रूप में पूजा जाता है। हमारे यहां बच्चा-बच्चा भी भारत माता की जय बोलकर राष्ट्रमाता को सम्मान देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुजरात के राजकोट जिले के प्रांसला के समीप उपलेटा में श्री वैदिक मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 26वें 'राष्ट्रकथा शिविरको संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में सहभागिता कर ट्रस्ट के गुजरात के प्रमुख व महान विचारक स्वामी धर्मबंधु जी महाराज का आशीर्वाद लिया और कहा कि हम सभी को अपने जीवन में हमेशा अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। पूज्य स्वामी जी ने हम सबको नई जीवन दृष्टि दी है।वेबन्यूज

शुद्ध पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता-मुख्यमंत्री

इंदौर  31 दिसंबर 2025(wni)
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज यहाँ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे इंतजाम सुनिश्चित किये जायेंगे जिससे की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो। 
इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, श्री गोलू शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन श्री संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव सीएम सचिवालय श्री नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे़, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव, एमआईसी मेम्बर श्री अभिषेक शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे को इंदौर में ही तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम की आवश्यकता को देखते हुए पर्याप्त अमला और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जलापूर्ति और  सीवरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जलापूर्ति पुनः प्रारंभ होने पर कहीं भी लीकेज या संदूषण की आशंका पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति शुद्ध पाई गई है, जबकि शेष हिस्सों में पुरानी एवं क्षतिग्रस्त लाइनों के कारण समस्या सामने आई है, जिन्हें दुरुस्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव  ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर हुई किसी भी प्रकार की लापरवाही की जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, एक भी नागरिक को इस प्रकार का कष्ट न हो—यह हमारी जिम्मेदारी है। जो हुआ वह दुखद है, लेकिन इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सरकार पूरी दृढ़ता से कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, शासकीय एवं निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस आपात स्थिति को नियंत्रित किया गया है और प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है।
बैठक में बताया गया कि शहर के भागीरथपुरा वार्ड क्रमांक में गंदे पानी की आपूर्ति की आशंका सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। बीते दो-तीन दिनों में लगभग 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 2 हजार 456 संदिग्ध मामलों में लक्षण पाए गए। इनमें से 212  मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें 50 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 162 मरीजों का उपचार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न अस्पतालों में जाकर मरीजों से मिले हैं और अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर है। 
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने स्थिति के संबंध में जानकारी दी।वेबन्यूज

महाकालेश्वर मंदिर नित्य दर्शनार्थी भक्तों को अवंती का द्वार से रोकने के विरुद्ध भक्तों द्वारा गेट पर धरना..

उज्जैन(wni)श्री महाकालेश्वर मंदिर नित्य दर्शनार्थी भक्तों को चार धाम मंदिर से लाइन में लगाने के  आदेश के विरुद्ध आज धरना दिया गया उपाध्यक्ष महेंद्र कटिहार द्वारा द्वारा बताए गए की लगभग एक घंटे तक भक्त और भगवान की जय हो-- महाकाल महाराज की जय-- हो के जयकारें के साथ भक्ति लोक में धरना दिया इस समिति के अधिकारियों द्वारा पुनः गेट चालू करने पर ही धरना समाप्त हुआ रवि राय ने मंदिर समिति के प्रशासक एवं अन्य अधिकारियों को बार-बार नित्य दर्शनार्थी भक्तों की दर्शन व्यवस्था परिवर्तन के निर्णय पर रोक लगाने के आग्रह किया।वेबन्यूज उज्जैन

मुख्यमंत्री उज्जैन पहुंचे हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया..

उज्जैन 29 दिसंबर(wni) मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सोमवार को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचे। यहां हेलीपैड डीआरपी लाइन आगमन के पश्चात स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्प कुछ भेंट कर स्वागत किया गया । इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, पूर्व विधायक श्री बहादुर सिंह चौहान, श्री राजेंद्र भारती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर,  श्री रामलाल मालवीय, श्री राजेश धाकड़ ,श्री जगदीश पांचाल, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह , एडीजी श्री उमेश जोगा, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह , पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।धर्मेन्द्र वेबन्यूज उज्जैन।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर महाराज की कथा में हुए शामिल..

उज्जैन, 29 दिसम्बर 2025(wni)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भागवत कथा और सत्संग से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। कथा और सत्संग आध्यात्मिक अनुभूति और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम भी है। कथा श्रवण और सत्संग से मन तृप्त होता है और जीवन संवरता है। भगवान की भक्ति, कथा श्रवण और सत्संग से वह तृप्ति मिलती है जो भौतिक सुख, वैभव और छप्पन भोग में भी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के ग्राम चित्तौड़ा में आयोजित प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर महाराज की कथा के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक श्री रमेश मेंदोला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, एसपी ग्रामीण श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री रणजीत सिंह आंजना सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भागवत कथा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुवर श्री कमल किशोर नागर जी का नाम ही हमारे लिए सौभाग्य का प्रतीक है। वर्षों से आपके प्रवचनों के माध्यम से हम भगवान की भक्ति में स्वर्ग लोक का अनुभव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कथा एवं सत्संग के श्रवण से  स्वर्ग लोक सहित सभी तीर्थों का आनंद प्राप्त हो जाता है। उन्होंने भक्ति और सत्संग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भौतिक सुख-साधन और 56 भोग भी मन को तृप्त नहीं कर सकते, लेकिन भगवान की भक्ति और सत्संग मन को पूर्ण तृप्ति प्रदान करते है और सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ माता की सेवा के लिए महाराज श्री कमल किशोर नागर जी द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। महाराज जी ने समाज को यह चेतना दी है कि केवल प्रवचन ही नहीं, बल्कि संस्कार और सेवा भी उतनी ही आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद गौशालाओं के विकास के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और मध्यप्रदेश को गौ-सेवा का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। घर-घर गोपाल की भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जहां गाय है, वहीं गोपाल का वास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति की परंपराओं, कुंभ और सिंहस्थ स्नान के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल केवल शारीरिक शुद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की उत्पत्ति और परंपरा का आधार है। क्षिप्रा नदी के शुद्धिकरण और जल संरक्षण के प्रयासों से आगामी सिंहस्थ को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प भी उन्होंने दोहराया। 
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और विकास तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर गाँव और शहर में गीता भवन बनाये जा रहे हैं। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के संकल्प को पूर्ण करने का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तेजी से किया जा रहा है। शिप्रा के 29–30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण, बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान 24 घंटे में करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्थाएँ—ये सब ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा और शिप्रा का निरंतर प्रवाह बना रहे, ताकि आचमन और यज्ञ-स्नान जैसे पवित्र कर्म निर्बाध हो इसके लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। 
प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर जी महाराज ने कहा कि नीति और धर्म से सुसज्जित शासन ही सच्चे विकास की नींव है। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जब शासन नीति और धर्म के साथ चलता है, तभी प्रजा की वास्तविक भलाई होती है और विकास एवं प्रगति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि नीति के बिना राज अधूरा है और धर्म के बिना धन भी अधूरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्रीजी ने आम नागरिकों की तरह जमीन पर बैठकर सरलता और सादगी के साथ कथा का श्रवण किया। यह आचरण उनकी भक्ति भावना, विनम्रता और सहज व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रदेश में धार्मिक आयोजन होते हैं और उनके साथ नीति एवं धर्म दोनों एक साथ खड़े होते हैं, तब वह प्रदेश स्वतः ही सुशोभित और समृद्ध बनता है। व्यस्ततम कार्यक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ऐसे आयोजनों को समय देना उनकी संवेदनशीलता और आध्यात्मिक रुचि का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के तीर्थों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के भी गहरे जानकार हैं, उनके पास गहरा और समृद्ध अनुभव है।वेबन्यूज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखंड ज्योति हनुमान मंदिर में किए दर्शन

उज्जैन 29 दिसंबर25(wni) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन प्रवास के दौरान फ्रीगंज स्थित अखंड ज्योति हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा राज्य के सर्वांगीण विकास की कामना की।
इसके पश्चात् मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक शक्ति भवन में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन पर आधारित है, जिसमें उनके जन्म, शिक्षा तथा राजनीतिक जीवन की महत्वपूर्ण झलकियां प्रस्तुत की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में अटल जी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को देखकर उनकी दूरदर्शिता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके विचार और आदर्श आज भी देश के विकास में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, सांसद राज्यसभा श्री उमेश नाथ जी महाराज, विधायक श्री जितेंद्र पंड्या, श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर देवड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, महापौर श्री मुकेश टटवाल श्री राजेंद्र भारती तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।धर्मेन्द्र वेबन्यूज उज्जैन।

जिला कलेक्टर ने श्री महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया ...

उज्जैन(wni) महाकाल मंदिर में बढ़ती भीड़ के चलते प्रोटोकॉल व्यवस्था स्थगित कर दी गई है। जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे महाकाल प्रबंध समिति की व्यवस्था का पालन करें। 30 मिनट में दर्शन लाभ मिल रहा है, शांति से दर्शन करें।इससे पूर्व श्री सिंह ने मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सम्बन्धी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।धर्मेन्द्र वेबन्यूज उज्जैन।